पटेरा में 6.50 लाख की चोरी का सनसनीखेज खुलासा, बेटे ने ही रची थी चोरी की झूठी कहानी

पटेरा में 6.50 लाख की चोरी का सनसनीखेज खुलासा, बेटे ने ही रची थी चोरी की झूठी कहानी

घर के ताले तोड़कर खुद ही चुराए सोने-चांदी के जेवरात, कर्ज चुकाने के लिए रची साजिश; 6.50 लाख का माल और नकदी बरामद
हिमांशु रैकवार बुंदेली संवाद 
दमोह/पटेरा, 23 सितंबर 2026। पटेरा थाना क्षेत्र में करीब 6.50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात की चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए फरियादी के ही 23 वर्षीय बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने पुराने कर्ज और लेन-देन को चुकाने के लिए अपने ही घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया और अज्ञात चोरों द्वारा चोरी किए जाने की झूठी कहानी रची।

जानकारी के अनुसार 17 सितंबर 2026 को पटेरा निवासी भागचंद्र बर्मन, उम्र 49 वर्ष, ने थाना पटेरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर घर में घुसकर ताला तोड़ने के बाद सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए हैं। चोरी गए माल की कीमत करीब 6 लाख 50 हजार रुपये बताई गई थी। मामले में थाना पटेरा में अपराध क्रमांक 271/26, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दमोह श्री आनन्द कलादगि एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुजीत सिंह भदौरिया के निर्देशन तथा एसडीओपी हटा श्री केपी सिंह के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने अज्ञात आरोपी और चोरी गए माल की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को फरियादी के बेटे लवकुश बर्मन, उम्र 23 वर्ष, निवासी पटेरा पर संदेह हुआ। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वयं अपने घर के ताले तोड़कर जेवरात चोरी करने की बात स्वीकार की।

कर्ज चुकाने के लिए रची पूरी साजिश

पुलिस के मुताबिक आरोपी पर पुराना कर्ज और लेन-देन था। इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने अपने ही घर में चोरी कर जेवरात को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वारदात के बाद आरोपी ने चोरी का माल बेचने की फिराक में उसे छिपाकर रखा और घर में अज्ञात चोरों द्वारा चोरी किए जाने की कहानी बताई।

पुलिस ने आरोपी लवकुश बर्मन के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात, जिनकी कीमत करीब 6.50 लाख रुपये है, तथा 2,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

इनकी रही विशेष भूमिका

पूरे मामले के खुलासे में निरीक्षक रचना मिश्रा, उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र गुर्जर, उपनिरीक्षक संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक रूपलाल, सुरेश, सुमन यादव तथा आरक्षक बालमुकुंद और नितेश का विशेष योगदान रहा।
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