बुंदेलखंड के लिए बड़ी सौगात: दमोह-हटा-खजुराहो और सागर-भोपाल नई रेल लाइन का सर्वे मंजूर, सांसद राहुल सिंह लोधी के प्रयास रंग लाए





बुंदेलखंड के लिए बड़ी सौगात: दमोह-हटा-खजुराहो और सागर-भोपाल नई रेल लाइन का सर्वे मंजूर, सांसद राहुल सिंह लोधी के प्रयास रंग लाए


दमोह। बुंदेलखंड के विकास को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से क्षेत्र की जनता जिस रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रही थी, वह सपना अब साकार होने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। दमोह के सांसद राहुल सिंह लोधी के निरंतर प्रयासों और पैरवी के बाद दमोह-हटा-खजुराहो तथा सागर-छतरपुर-खजुराहो-भोपाल नई रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी मिल गई है।

पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा जारी सूची के अनुसार इन दोनों महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के सर्वे के लिए राशि स्वीकृत कर दी गई है। इसमें दमोह-हटा-खजुराहो रेल लाइन (125 किमी) तथा सागर-छतरपुर-खजुराहो-भोपाल रेल लाइन (320 किमी) का सर्वे शामिल है।

यह फैसला बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा। वर्षों से दमोह, हटा, छतरपुर और खजुराहो के लोगों की यह प्रमुख मांग रही है कि क्षेत्र को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ा जाए, जिससे यात्रा आसान हो और विकास की रफ्तार तेज हो।


क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई उड़ान

नई रेल लाइन बनने से बुंदेलखंड के कई जिलों के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आवाजाही आसान होगी।

खासतौर पर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो तक पहुंचना और भी सुगम हो जाएगा, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

सांसद ने जताया आभार



इस बड़ी उपलब्धि पर दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बुंदेलखंड के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र की दशा-दिशा बदल देगी।

सांसद लोधी ने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड के लिए और भी बड़ी विकास योजनाएं लाई जाएंगी, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सर्वे के बाद जल्द ही इस बहुप्रतीक्षित रेल लाइन के निर्माण का काम भी शुरू हो, जिससे बुंदेलखंड को विकास की नई पटरी मिल सके।



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