सरदार वल्लभभाई पटेल ओवरब्रिज बना हादसों का अड्डा! सरिया बाहर, सड़क उखड़ी, अंधेरे में दौड़ रही मौत

सरदार वल्लभभाई पटेल ओवरब्रिज बना हादसों का अड्डा! सरिया बाहर, सड़क उखड़ी, अंधेरे में दौड़ रही मौत

8 साल में उखड़ने लगा करोड़ों का सरदार वल्लभभाई पटेल ओवरब्रिज, सड़क से निकली सरिया; बरसात में बढ़ा हादसों का खतरा
हिमांशु रैकवार बुंदेली संवाद 
दमोह। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल सागर नाका स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल ओवरब्रिज (रेलवे ओवरब्रिज) की हालत अब गंभीर चिंता का विषय बन गई है। वर्ष 2018 में रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाए गए इस करोड़ों रुपये की लागत वाले ओवरब्रिज की सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि कंक्रीट की परत उखड़ने के बाद लोहे की सरिया तक बाहर आ गई है, जबकि कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में यह स्थिति किसी बड़े हादसे को खुला न्योता दे रही है।
यह ओवरब्रिज दमोह को सागर, जबलपुर और शहर के अन्य प्रमुख हिस्सों से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। प्रतिदिन हजारों दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन इसी पुल से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क की ऊपरी कंक्रीट परत पूरी तरह टूट चुकी है और कई स्थानों पर सरिया बाहर निकल आई है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज पर लंबे समय से मरम्मत की आवश्यकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने अब तक केवल औपचारिकता निभाई है। स्थिति को और गंभीर बनाती है स्ट्रीट लाइटों की समस्या। यह ओवरब्रिज पहले भी बिजली बिल विवाद के कारण बंद पड़ी लाइटों को लेकर चर्चा में रहा है। यदि रात में पर्याप्त रोशनी नहीं रहती, तो क्षतिग्रस्त हिस्से और भी अधिक खतरनाक हो जाते हैं।

वर्ष 2018 में शुरू हुआ यह रेलवे ओवरब्रिज शहर के लिए बड़ी सौगात माना गया था। इसका उद्देश्य सागर नाका रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत देना और यातायात को सुगम बनाना था। लेकिन महज कुछ वर्षों में सड़क की यह स्थिति निर्माण की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव पर सवाल खड़े कर रही है।

हालांकि, निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं, इसका निष्कर्ष बिना आधिकारिक जांच के नहीं निकाला जा सकता। लेकिन सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त होना यह जरूर दर्शाता है कि तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता की जांच आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि ओवरब्रिज की तत्काल तकनीकी जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाए, स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और यदि निर्माण या रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो किसी बड़ी सड़क दुर्घटना के बाद ही व्यवस्था जागेगी।
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