सुरखी पिपरिया में डकैती से दहशत: बदमाश बार-बार लेते रहे 'रोहित' और 'सुनील' का नाम, डेढ़ माह पहले हुई चोरी पर कार्रवाई न होने के भी उठे सवाल

सुरखी पिपरिया में डकैती से दहशत: बदमाश बार-बार लेते रहे 'रोहित' और 'सुनील' का नाम, डेढ़ माह पहले हुई चोरी पर कार्रवाई न होने के भी उठे सवाल
हिमांशु रैकवार बुंदेली संवाद 
दमोह। जिले के देहात थाना क्षेत्र की नरसिंहगढ़ चौकी अंतर्गत सुरखी पिपरिया गांव में गल्ला व्यापारी विजय जैन के घर हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज डकैती ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह नकाबपोश बदमाशों ने आधी रात व्यापारी और उसके परिवार को बंधक बनाकर हथियारों की नोक पर वारदात को अंजाम दिया। घटना के दौरान बदमाश कथित रूप से बार-बार "रोहित" और "सुनील" का नाम लेते रहे, जिससे वारदात के पीछे किसी स्थानीय कड़ी की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

हाथ-पैर बांधकर की डकैती, मोबाइल भी साथ ले गए

जानकारी के अनुसार शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे बदमाश घर की दूसरी मंजिल से अंदर घुसे और सीधे विजय जैन के कमरे में पहुंच गए। बदमाशों ने उनकी कनपटी पर हथियार अड़ाकर हाथ-पैर बांध दिए। पत्नी से गोदरेज अलमारी की चाबी मांगी और विरोध करने पर व्यापारी के साथ मारपीट की। इसके बाद अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेटकर फरार हो गए। जाते समय बदमाश परिवार के मोबाइल फोन भी साथ ले गए, ताकि तत्काल पुलिस को सूचना न दी जा सके।

वारदात के बाद मचा हड़कंप, पुलिस अधिकारी पहुंचे

बदमाशों के भागने के बाद पीड़ित परिवार ने पड़ोसियों को आवाज लगाई। सूचना मिलते ही नरसिंहगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, सीएसपी एचआर पांडे, देहात थाना टीआई और फिंगरप्रिंट टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।

'रोहित' और 'सुनील' के नाम से बढ़ा रहस्य

पीड़ित परिवार के अनुसार वारदात के दौरान बदमाश लगातार "रोहित" और "सुनील" नाम लेकर एक-दूसरे से बात कर रहे थे। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आरोपियों को परिवार या इलाके की पहले से जानकारी थी या फिर यह पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश थी। पुलिस ने इस बिंदु पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

डेढ़ माह पहले हुई चोरी पर कार्रवाई नहीं, अब उठे सवाल

इस डकैती के बाद गांव में करीब डेढ़ माह पहले देवेंद्र काछी के घर हुई चोरी का मामला भी फिर चर्चा में आ गया है। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद उसने नरसिंहगढ़ चौकी, देहात थाना और एसपी कार्यालय तक शिकायत की, लेकिन न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही आरोपियों का पता लगाया गया। अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि यदि उस मामले में समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो संभव है इतनी बड़ी डकैती की घटना टाली जा सकती थी।

ग्रामीणों में दहशत, पुलिस पर बढ़ा दबाव

लगातार हो रही घटनाओं से सुरखी पिपरिया और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने रात में गश्त बढ़ाने, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पुराने मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

Previous Post Next Post