हिमांशु रैकवार बुंदेली संवाद
दमोह। जिले के जबेरा विकासखंड के ग्राम रोंड में एक गर्भवती महिला को समय पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई का बड़ा उदाहरण बन गया है। इस गंभीर लापरवाही पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित एम्बुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी जे.ए.ई.एस. प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन स्तर पर जांच और परीक्षण के बाद कंपनी को नोटिस जारी किया गया। कंपनी द्वारा लापरवाही स्वीकार किए जाने पर उस पर 2 लाख 35 हजार 931 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कहा कि गर्भवती माताओं और महिलाओं को समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस जिम्मेदारी में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा सामने आती हैं तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने सभी एम्बुलेंस संचालकों और प्रोजेक्ट हेड को निर्देश दिए हैं कि सूचना मिलते ही बिना किसी देरी के एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके और प्रसव के दौरान किसी भी तरह की परेशानी या जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे एम्बुलेंस सेवा संचालित करने वाली एजेंसियों को स्पष्ट संदेश गया है कि लापरवाही पर अब सीधे आर्थिक दंड और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।