जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण पर कलेक्टर सख्त: बोले- श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा, बकाया वेतन ब्याज सहित दिलाएंगे
हिमांशु रैकवार दमोह
दमोह। जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया। सुरक्षा गार्डों और सफाई कर्मचारियों ने शिकायत की कि एजेंसी उन्हें शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के बजाय केवल 6 से 8 हजार रुपए तक ही दे रही है। इस पर कलेक्टर ने मौके पर ही श्रम विभाग को जांच के निर्देश देते हुए साफ कहा कि श्रमिकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें कई वर्षों से निर्धारित कलेक्टर रेट के अनुसार वेतन नहीं मिल रहा है। शिकायत सुनते ही कलेक्टर ने श्रम अधिकारी को बुलाकर कर्मचारियों के बयान दर्ज कराने और प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जितने समय से कर्मचारियों को कम वेतन दिया गया है, उसकी पूरी बकाया राशि ब्याज सहित दिलाई जाएगी और दोषी आउटसोर्स एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आउटसोर्स कर्मचारियों से सिर्फ आठ घंटे की ड्यूटी ली जाए। उन्हें भोजन अवकाश और सप्ताह में एक दिन का साप्ताहिक अवकाश भी अनिवार्य रूप से दिया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिला अस्पताल में वर्तमान में 34 सुरक्षा गार्ड, 102 सफाई कर्मचारी और 2 हेल्प डेस्क कर्मियों सहित कुल 138 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। एसडीएम की मौजूदगी में श्रम विभाग ने कर्मचारियों के कथन दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी।
स्टाफ नर्सों के प्रयास की भी सराहना
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में स्टाफ नर्सों द्वारा अपने अतिरिक्त समय में विकसित किए गए उद्यान का अवलोकन किया और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास अस्पताल का वातावरण बेहतर बनाते हैं और मरीजों के साथ-साथ कर्मचारियों को भी सकारात्मक माहौल प्रदान करते हैं।
कलेक्टर ने बताया कि 300 बिस्तरों की क्षमता वाले जिला अस्पताल में औसतन 400 मरीज भर्ती रहते हैं। स्टाफ की कमी के बावजूद चिकित्सक और कर्मचारी बेहतर सेवाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सभी चिकित्सकों से सिविल सर्जन को पूरा सहयोग देने की अपील की।
'अब तो दिवाली हो जाएगी'
कार्रवाई के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों में खुशी का माहौल नजर आया। कई कर्मचारियों ने कहा कि यदि बकाया वेतन और निर्धारित मानदेय मिल गया तो "अब तो हमारी दिवाली हो जाएगी। हजारों रुपए का बकाया मिलेगा और हर महीने मिलने वाला वेतन भी लगभग दोगुना हो जाएगा।"