10 साल से फरार आजीवन कारावास का दोषी मथुरा से गिरफ्तार: पैरोल पर छूटा था, लौटकर नहीं आया; ₹11 हजार का इनामी था आरोपी

10 साल से फरार आजीवन कारावास का दोषी मथुरा से गिरफ्तार: पैरोल पर छूटा था, लौटकर नहीं आया; ₹11 हजार का इनामी था आरोपी
हिमांशु रैकवार दमोह 
दमोह। करीब एक दशक से पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहा आजीवन कारावास का दोषी आखिरकार दमोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। थाना गैसाबाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से दबिश देकर ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो वर्ष 2017 में पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद वापस नहीं लौटा था। आरोपी पर सागर पुलिस द्वारा ₹10 हजार तथा दमोह पुलिस द्वारा ₹1 हजार का इनाम घोषित था।

पुलिस के अनुसार, गैसाबाद थाना के वर्ष 2007 के हत्या और हत्या के प्रयास के चर्चित मामले में गोविंद विश्वकर्मा को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह सागर केंद्रीय जेल में सजा काट रहा था। सितंबर 2017 में 15 दिन की पैरोल पर रिहा होने के बाद वह निर्धारित अवधि पूरी होने पर जेल वापस नहीं लौटा और फरार हो गया।

आरोपी के फरार होने पर थाना गोपालगंज (सागर) में उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। वहीं पैरोल दिलाने वाले जमानतदार के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर सागर पुलिस ने आरोपी पर ₹10 हजार का इनाम घोषित किया। इस बीच सजा के खिलाफ दायर अपील में आरोपी के अनुपस्थित रहने पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया। इसके बाद दमोह पुलिस ने भी ₹1 हजार का इनाम घोषित कर उसकी तलाश तेज कर दी।

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि (आईपीएस) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया और एसडीओपी सौरभ त्रिपाठी के मार्गदर्शन में थाना गैसाबाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की लोकेशन उत्तर प्रदेश के मथुरा में मिलने पर पुलिस टीम ने दबिश देकर 29 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल वारंट पर जिला जेल दमोह भेज दिया गया है।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सौरभ शर्मा, प्रधान आरक्षक तुलसीराम पटैल, आरक्षक रामसिंह लोधी, नगर रक्षा समिति के सदस्य जशवेंद्र सिंह लोधी तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सौरभ टंडन और आरक्षक मयंक दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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