किसानों के हितों से खिलवाड़ पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: दमोह जिले में 3 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

किसानों के हितों से खिलवाड़ पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: दमोह जिले में 3 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

कलेक्टर के औचक निरीक्षण के बाद कृषि विभाग की कार्रवाई, खाद भंडारण में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
हिमांशु रैकवार दमोह 
दमोह। जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे सघन उर्वरक गुण नियंत्रण अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर 25 जून को विभिन्न विकासखंडों में किए गए संयुक्त औचक निरीक्षण के बाद की गई, जिसमें खाद के भंडारण और रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।
कृषि विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार मै. राकेश कृषि केंद्र (हटा), मै. दिगम्बर कृषि सेवा केंद्र (दमोह) और मै. पारस ट्रेडर्स (बटियागढ़) के उर्वरक विक्रय लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिए गए हैं। सभी संचालकों को एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में उन्हें उर्वरकों के विक्रय, भंडारण और परिवहन पर रोक रहेगी।
निरीक्षण में क्या मिला

मै. राकेश कृषि केंद्र, हटा के निरीक्षण में गोदाम में रखी 600 बोरी एनपीके खाद पीओएस मशीन में दर्ज नहीं मिली, जिसे उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया।

मै. दिगम्बर कृषि सेवा केंद्र, दमोह में गोदाम में 0.36 मीट्रिक टन यूरिया का भौतिक स्टॉक रिकॉर्ड से कम पाया गया, जिससे स्टॉक में गड़बड़ी उजागर हुई।

वहीं मै. पारस ट्रेडर्स, बटियागढ़ में पीओएस मशीन में 3.15 मीट्रिक टन एसएसपी खाद दर्ज होने के बावजूद गोदाम में भौतिक स्टॉक शून्य मिला, जिसे गंभीर अनियमितता माना गया।

कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही, कालाबाजारी, रिकॉर्ड में हेराफेरी अथवा उर्वरक वितरण में अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी दिनों में जिलेभर में ऐसे निरीक्षण और सख्ती से जारी रहेंगे।
Previous Post Next Post