दमोह में फर्जी डॉक्टर गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी हीरा कौशल गिरफ्तार
हिमांशु रैकवार दमोह
दमोह। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर बनकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले गिरोह के खिलाफ दमोह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हीरा सिंह कौशल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी एवं कूटरचित एमबीबीएस डिग्री, मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र तथा अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर के रूप में कार्य करने का आरोप है।
कोतवाली थाना में इस मामले में अपराध क्रमांक 479/26 के तहत धारा 318(3), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी हीरा सिंह कौशल पिता रामप्रकाश कौशल (45) निवासी कोहेफिजा, भोपाल बताया गया है।
पुलिस के अनुसार 16 मई 2026 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर के रूप में कार्य करने की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली थाना में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक ए.आर. पाण्डेय के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई थी।
थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने लगातार तलाश के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों एवं संस्थाओं के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस को आशंका है कि यह मामला बड़े फर्जीवाड़े से जुड़ा हो सकता है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीष कुमार, उप निरीक्षक नितेश जैन, उप निरीक्षक रोहित द्विवेदी, सब इंस्पेक्टर अकरम खान, साइबर सेल से राकेश आड्या, सौरभ टंडन सहित साइबर स्टाफ, प्रधान आरक्षक अभिषेक चौबे, प्रधान आरक्षक अजीत दुबे, प्रधान आरक्षक महेश यादव, प्रधान आरक्षक घासीराम, आरक्षक नरेंद्र पटेरिया एवं ब्रजेंद्र मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।