दमोह में समग्र आईडी से छेड़छाड़ का बड़ा मामला: एक व्यक्ति की आईडी में 105 बच्चों के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़े की शिकायत; मिशन संस्थाओं से जुड़े संजीव लैबर्ट गिरफ्तार
दमोह। जिले में बच्चों के समग्र आईडी रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति की समग्र आईडी में करीब 105 बच्चों के नाम दर्ज पाए गए हैं,बच्चों की समग्र आईडी में फर्जीवाड़ा और हेराफेरी किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में मिशन संस्थाओं से जुड़े संजीव लैबर्ट को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजे जाने की बात सामने आई है।
जांच में सामने आई रिकॉर्ड में गड़बड़ी
पुलिस के अनुसार,उक्त मामले में शिकायतकर्ता अधिवक्ता दीपक तिवारी की शिकायत पर प्रशासनिक स्तर पर जांच कराई गई थी। जांच में बच्चों के समग्र रिकॉर्ड में कथित तौर पर गड़बड़ी और हेराफेरी के तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ बच्चों के नाम ऐसे समग्र रिकॉर्ड में दर्ज थे, जिनसे उनका वास्तविक संबंध स्पष्ट नहीं था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि एक ही व्यक्ति की समग्र आईडी में 105 बच्चों के नाम दर्ज मिले। इस तथ्य ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन रिकॉर्ड में बदलाव किस उद्देश्य से और किसके निर्देश पर किया गया था।
धर्मांतरण के आरोपों की भी जांच
मामले में धर्मांतरण से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है। पुलिस द्वारा बच्चों के रिकॉर्ड, उनके माता-पिता तथा संबंधित संस्थाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
467, 468 और 471 के तहत मामला
पुलिस ने संजीव लैबर्ट के खिलाफ धारा 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। ये धाराएं गंभीर जालसाजी, धोखाधड़ी के उद्देश्य से जाली दस्तावेज तैयार करने और जाली दस्तावेज को वास्तविक बताकर इस्तेमाल करने से संबंधित हैं।
पुलिस ने संजीव लैबर्ट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पांच अन्य आरोपियों के फरार होने की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
मानव तस्करी की आशंका ने बढ़ाई चिंता
एक ही समग्र आईडी में बड़ी संख्या में बच्चों के नाम सामने आने के बाद अब मानव तस्करी की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी इसे पुलिस जांच का विषय माना जा रहा है और यह कहना जल्दबाजी होगी कि बच्चों की तस्करी हुई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतने बच्चों के नाम एक व्यक्ति की समग्र आईडी में किस प्रक्रिया के तहत दर्ज हुए।
पुराने मिशन अस्पताल मामले से भी जुड़ रहे तार
रिपोर्टों के अनुसार, करीब आठ महीने पहले मिशन अस्पताल से जुड़े एक मामले में भी संजीव लैबर्ट गिरफ्तार हुआ था। अब समग्र आईडी में कथित फर्जीवाड़े के मामले में उसकी दोबारा गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों मामलों के बीच संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 105 बच्चों के नाम एक ही समग्र आईडी में कैसे दर्ज हुए, रिकॉर्ड में बदलाव किसने किया और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था? पुलिस की आगे की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है। साथ ही, फरार पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।