बंदूक की तलाश में पहुंची पुलिस को घर से मिला 4 करोड़ से ज्यादा कैश, इंजीनियर रिश्तेदार का बताया जा रहा पैसा
सागर संवाददाता
सागर। मध्यप्रदेश के सागर में पुलिस को अवैध हथियार की तलाश में एक घर की तलाशी लेना उस समय भारी नकदी मिलने के कारण बड़ी कार्रवाई में बदल गया। गोपालगंज थाना क्षेत्र में तिली चौराहे के पास एक मकान से पुलिस ने 4 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस, बैंक अधिकारियों के साथ आयकर विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को एक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर अवैध हथियार के साथ फोटो पोस्ट किए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम उसके घर तलाशी लेने पहुंची। घर में तलाशी के दौरान पुलिस को चार बैग मिले। बैग खोलने पर उनमें नोटों की गड्डियां देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
मशीन से कराई गई नोटों की गिनती
घर से भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगाई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक बैग से करीब 1.33 करोड़ रुपये की नकदी मिली। अन्य बैगों में रखी रकम की भी गिनती की गई, जिसके बाद कुल नकदी 4 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
गैस डिलीवरी और मजदूरी करने वाले परिवार के घर इतनी रकम मिलने से सवाल
जिस परिवार के घर से यह रकम बरामद हुई है, उसके बारे में बताया जा रहा है कि घर का व्यक्ति गैस डिलीवरी का काम करता है, जबकि उसकी पत्नी मजदूरी करती है। ऐसे में घर में करोड़ों रुपये की नकदी मिलने से पुलिस ने रकम के स्रोत और उसे यहां रखे जाने को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
इंजीनियर रिश्तेदार का बताया पैसा
पूछताछ के दौरान परिवार की ओर से पुलिस को बताया गया कि बरामद रकम भोपाल में रहने वाले उनके इंजीनियर रिश्तेदार की है। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में नकदी घर में रखे जाने को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
हवाला कारोबार की भी आशंका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका भी जांच के दायरे में है। हालांकि, अभी तक पुलिस की जांच में रकम के वास्तविक स्रोत को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों रुपये की यह रकम किसकी है, इसका स्रोत क्या है और इसे घर में क्यों रखा गया था। आयकर विभाग समेत संबंधित एजेंसियां भी मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही नकदी के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।