कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण में 22 कर्मचारी मिले अनुपस्थित, तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश

कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण में 22 कर्मचारी मिले अनुपस्थित, तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश

हिमांशु रैकवार बुंदेली संवाद 
दमोह। शासकीय कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने और संस्थानों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए।

कलेक्टर के निरीक्षण में कुल 22 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों का तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर की इस कार्रवाई से शासकीय कार्यालयों में समय पर उपस्थित नहीं होने वाले कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

निरीक्षण में ये अधिकारी-कर्मचारी मिले अनुपस्थित

निरीक्षण के दौरान विपणन अधिकारी अनुज शुक्ला, कार्यालय अधीक्षक संजय हजारी, सहायक लेखापाल श्याम बिहारी पालीवाल, बैंकिंग सहायक शुभम सिंह, ओम प्रकाश सेन, केशव मिश्रा, मेघा नहारिया, रूबी राज, राहुल चौबे, राधा रैंगर, ममता तिवारी, राजकिशोर तिवारी, कविता ठाकुर एवं श्रेया अग्रवाल अनुपस्थित पाए गए।

इसके अलावा वाहन चालक झल्लू रैकवार एवं जमना पटेल, इन्फेटरी मैनेजर राजेश सोनी, सहकारी प्रशिक्षु शेफाली चौराहा, इलेक्ट्रीशियन गोविंद नेमा, पियून वीरू प्रजापति, राज पटेल एवं नीतेश पाठक भी निरीक्षण के दौरान कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले।

समय पर उपस्थिति को लेकर सख्त संदेश

कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण में एक साथ 22 कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने और तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश के बाद शासकीय कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ नजर आई है।

प्रशासन का उद्देश्य शासकीय संस्थानों में समयबद्ध उपस्थिति, जवाबदेही और आमजन को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करना है। कलेक्टर द्वारा किए गए इस आकस्मिक निरीक्षण को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

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