दमोह में आरक्षक पर महिलाओं से अभद्रता और झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप, एसपी से शिकायत
हिमांशु रैकवार बुंदेली संवाद
दमोह, 28 जुलाई। दमोह कोतवाली में पदस्थ एक आरक्षक पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने, गाली-गलौज करने और पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को लिखित ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार, 28 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे कोतवाली थाना में पदस्थ आरक्षक घासीराम अहीरवाल फुटेरा वार्ड क्रमांक-5 स्थित घर पर दीपक रैकवार के नाम का समन तामील कराने पहुंचे थे। परिवार का कहना है कि उन्होंने आरक्षक को बताया कि संबंधित व्यक्ति कई महीनों से घर पर नहीं है और उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद समन विधिवत प्राप्त कर लिया गया।
परिवार का आरोप है कि समन देने के बाद आरक्षक का व्यवहार अचानक बदल गया। उन्होंने घर में मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौज की और धमकी दी कि यदि संबंधित व्यक्ति को तुरंत कोतवाली नहीं भेजा गया तो घर की महिलाओं को उठा ले जाएंगे तथा पूरे परिवार को झूठे प्रकरणों में फंसाकर जेल भेज देंगे।
पीड़ित परिवार ने ज्ञापन में कहा है कि एक पुलिस कर्मचारी का ऐसा आचरण कानून, सेवा आचरण नियमों, महिलाओं की गरिमा और संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों के विपरीत है। घटना के बाद पूरा परिवार भय और मानसिक तनाव में है।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, आरक्षक घासीराम अहीरवाल के विरुद्ध विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में परिवार के साथ किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न न हो, इसके लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।