गौशालाओं में अव्यवस्थाओं पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन: बालाकोट गौशाला को नोटिस, पशु औषधालय प्रभारी निलंबित
हिमांशु रैकवार दमोह-जिले में गौमाताओं के संरक्षण, उपचार और बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शनिवार सुबह आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान इमलिया घाट, चौरई और बालाकोट स्थित गौशालाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जहां बेहतर व्यवस्थाओं वाली गौशालाओं की सराहना की गई, वहीं अव्यवस्थाएं मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री यादव सबसे पहले इमलिया घाट स्थित गोपाल कृष्ण गौशाला पहुंचे। यहां गौमाताओं के लिए छाया, पेयजल, भोजन और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था मिलने पर उन्होंने गौशाला संचालन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गौसेवा केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि हम सभी का कर्तव्य है और गौशालाओं में संवेदनशीलता के साथ सेवा भाव दिखाई देना चाहिए।
इसके बाद कलेक्टर चौरई गौशाला पहुंचे, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर उन्होंने संचालकों को इसी तरह कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया। हालांकि बालाकोट गौशाला में निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था में कमी, गौशाला परिसर के बाहर बोर्ड लेखन नहीं होने और अन्य अव्यवस्थाएं पाए जाने पर संबंधितों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट कहा कि शासन द्वारा गौसेवा के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है, जिसका उपयोग गौमाताओं को बेहतर छाया, पानी, भोजन और समय पर उपचार देने में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले की सभी गौशालाओं में सुधार लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगे भी लगातार निरीक्षण किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान बालाकोट पशु औषधालय भी बंद मिला। संस्था प्रभारी रमेश कुमार कोरी निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पशु चिकित्सकों को गौमाताओं के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और समय पर उपस्थित रहकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
कलेक्टर ने जिले के सभी गौसेवकों और गौशाला संचालकों से अपील करते हुए कहा कि गौमाताओं की सेवा को संवेदनशीलता और समर्पण के साथ किया जाए ताकि उन्हें बेहतर संरक्षण और सुविधाएं मिल सकें।