आज के सरकारी समाचार एक नजर में


जनसुनवाई में 382 आवेदनों पर हुई सुनवाई

            कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 10 (व्यारमा) में आयोजित जनसुनवाई में जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आये आवेदकों की समस्याओं को सुना। इस दौरान सामान्य जनसुनवाई में 382 आवेदनों पर सुनवाई करते हुये संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये।

            जनसुनवाई में 15 आधार अपडेशन एवं 205 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही जनसुनवाई के दौरान कुछ सामूहिक आवदेन भी दिए गए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, डिप्टी कलेक्टर आर.एल बागरी, डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति, लोकसेवा प्रबंधक चक्रेश पटेल सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

ग्राम पंचायत अभाना में भी हुई जनसुनवाई

            आज ग्राम पंचायत अभाना में जनसुनवाई हुई। इस दौरान आये आवेदको की सुनवाई की गई। इसी प्रकार अन्य चयनित पंचायतो में भी सुनवाई की गई। अभाना में आयोजित जनसुनवाई में सरपंच गोविंद सिंह लोधी सहित पंचायत स्तर के विभिन्न विभागो के कर्मचारी मौजूद रहे।

ऊर्जा विभाग की जनसुनवाई में 148 शिकायतें प्राप्त,

128 का मौके पर निराकरण

हर मंगलवार आयोजित हो रही विद्युत जनसुनवाई,

उपभोक्ताओं को मिल रहा त्वरित समाधान

            म.प्र.शासन ऊर्जा विभाग की मंशानुसार विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता अमित चौहान के निर्देशन में विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु आज 19 मई को वृत्त कार्यालय-दमोह के साथ-साथ संभागीय कार्यालयों, उपसंभाग एवं प्रत्येक वितरण केन्द्र कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 148 आवेदन उपभोक्ताओं से प्राप्त हुए। जिनपर त्वरित कार्यवाही करते हुये 128 प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष प्रकरणों में कार्यवाही जारी है।

            अधीक्षण अभियंता श्री चौहान ने बताया कि जनसुनवाई प्रत्येक मंगलवार को जिला मुख्यालय के साथ-साथ ऊर्जा विभाग के सभी 21 नं. वितरण केन्द्र कार्यालयों में प्रातः 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक आयोजित की जाती है। जिसमें विद्युत उपभोक्ता अपनी विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु बढ़-चढ़कर उपस्थित हो रहे हैं।

            अधीक्षण अभियंता ने जनसुनवाई के दौरान उपभोक्ताओं से चर्चा करते हुये यह भी अवगत कराया कि वर्तमान में लगभग 44-45 डिग्री तापमान चल रहा है, ऐसी विषम परिस्थितियों में भी ऊर्जा विभाग के कर्मचारी पोल पर चढ़कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण कर रहे हैं। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि वे अपनी शिकायतों के निराकरण में लगने वाले समय में संयम का परिचय देकर ऊर्जा विभाग को अपना सहयोग प्रदान करें।     

मछली पालन के केज कल्चर स्थापित करने के लिये मिलेगी अनुदान सहायता

सीतानगर एवं सतधरू जलाशयों में स्थापित कराये जायेंगे केज कल्चर

जिले की इच्छुक समितियों एवं संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित

        जिले में चयनित जलाशयों में मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के तहत मछली पालन के लिये केज कल्चर स्थापित कराये जायेंगे। मत्स्य क्षेत्र का समग्र विकास एवं जलाशयों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने एवं मत्स्य पालकों की आर्थिक समृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन के दिशा निर्देशो के तहत यह केज कल्चर स्थापित होंगे। केज कल्चर स्थापित करने के इच्छुक जिले की समितियों एवं संस्थाओं से 7 जून 2026 तक आवेदन आमंत्रित किये गये है। आवेदन पत्र कार्यालयीन समय में होमगार्ड ऑफिस के पीछे, कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग जिला दमोह में जमा किये जा सकते हैं।

        सहायक संचालक मत्स्योद्योग विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पात्र हितग्राहियो, समितियों एवं संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को निर्धारित पात्रता अनुसार 40 से 60 प्रतिशत तक अनुदान सहायता प्रदान की जायेगी। यह सहायता भारत सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत प्रति हितग्राही अधिकतम 18 केज अथवा 1800 घनमीटर तक तथा प्रति समिति अथवा संस्था 72 केज अथवा 7200 घनमीटर तक पात्रता निर्धारित की गई है। प्रति केज की लागत 3 लाख रू0 निर्धारित है।

        मत्स्योद्योग विभाग द्वारा चयनित सीतानगर एवं सतधरू सिंचाई जलाशयों में केज स्थापित किये जायेंगे। इच्छुक हितग्राही समिति अथवा संस्था निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ डी.पी.आर. एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।

        योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी मत्स्योद्योग विभाग की बेबसाईट www.mpfisheries.gov.in एवं कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग जिला दमोह से प्राप्त की जा सकती है।



प्रधानमंत्री राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार हेतु पात्र बच्‍चों के आवेदन 31 जुलाई तक आमंत्रित

            प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) भारत सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों की असाधारण उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार है। मेधावी पात्र बच्चों को सम्मानित करने के लिए स्थापित यह पुरस्कार छह श्रेणियों - वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - के अंतर्गत दिया जाता है। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे (31 जुलाई 2026 तक) जिन्होंने इन क्षेत्रों में उत्कृष्टता और उत्कृष्ट योगदान दिया है, नामांकन के पात्र हैं। व्यापक चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य संबंधित संस्थानों से पीएमआरबीपी के लिए नामांकन आमंत्रित किए जाते हैं। पीएमआरबीपी के लिए नामांकन/प्रस्‍ताव केवल इस उद्देश्य के लिए बनाए गए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन ही प्राप्त की जाएंगी।          

            प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में उक्‍त पुरस्‍कार हेतु नामांकन प्राप्त होते हैं, फिर भी कई योग्य बच्चे योजना के व्‍यापक प्रचार प्रसार न होने के कारण पुरस्‍कार के प्रोत्‍साहन से वंचित रह जाते हैं। इसलिए, ऐसे बच्चों की पहचान करने के लिए समस्‍त जागरूक नागरिकों से अपील की जाती है कि 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्‍चे जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां उल्‍लेखनीय हैं और उनके नामांकन किए जाने हेतु प्रोत्‍साहित करने का कष्‍ट करें। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) के संबंध में विस्‍तृत जानकारी राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in) के माध्यम से प्राप्‍त की जा सकती है।


भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफ.एस.एस.ए.आई.) के ईट राइट इंडिया अभियान के तहत दमोह के ग्राम नरसिंहगढ़ स्थित माइसेम सीमेंट लिमिटेड कैंटीन का किया गया ईट राइट कैंपस हेतु फूड सेफ्टी ऑडिट

कुंडलपुर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर सिद्ध क्षेत्र भोजनशाला का किया गया भोग प्रमाणन हेतु फूड सेफ्टी ऑडिट, दमोह शहर के विभिन्न वेज रेस्टोरेंट का किया गया हाइजीन रेटिंग ऑडिट

ऑडिट में पास होने पर इन संस्थानों/खाद्य प्रतिष्ठानों को मिलेगा ईट राइट कैंपस प्रमाण पत्र,भोग प्रमाण पत्र एवं हाइजीन रेटिंग सर्टिफिकेट
                                                                 भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफ.एस.एस.ए.आई.) के प्रोजेक्ट "ईट राइट कैंपस" का मुख्य उद्देश्य भारत में विभिन्न शासकीय,अर्धशासकीय एवं निजी संस्थानों में शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन को कैंपस में उपलब्ध कराना है। ईट राइट कैंपस योजना के तहत सभी संस्थानों में रसोई घर,कैंटीन को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों का पालन करना आवश्यक होता है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा दमोह जिले के


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