दमोह: राज्य शिक्षा केंद्र ने बुधवार को कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा (सत्र 2025-26) के परिणाम घोषित कर दिए हैं। दमोह जिले के लिए यह नतीजे मिले-जुले रहे हैं। एक तरफ जहाँ पिछले साल के मुकाबले पास प्रतिशत में सुधार हुआ है, वहीं प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में दमोह का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। जिला प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले पिछड़कर अंतिम पायदानों पर जा पहुँचा है।
रैंकिंग में पिछड़ा दमोह: 5वीं में प्रदेश में सबसे नीचे
राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दमोह जिले को पूरे मध्य प्रदेश में काफी कम रैंकिंग मिली है:
कक्षा 5वीं: दमोह को प्रदेश में 52वीं रैंक मिली है, यानी जिला पूरे प्रदेश में सबसे आखिरी स्थान पर रहा।
कक्षा 8वीं: यहाँ स्थिति थोड़ी बेहतर रही, लेकिन फिर भी जिला 51वीं रैंक पर ही सिमट गया।
रिजल्ट का प्रतिशत बढ़ा, पर मुकाबला नहीं कर पाए बच्चे
हैरानी की बात यह है कि पिछले साल की तुलना में इस बार दमोह के बच्चों के पास होने के प्रतिशत में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, फिर भी प्रदेश के अन्य जिलों ने इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन किया।
5वीं का रिजल्ट: इस बार 87.12% रहा (पिछली बार 83.11% था) — 4% का सुधार।
8वीं का रिजल्ट: इस बार 85.16% रहा (पिछली बार 77% था) — 8% का सुधार।
बेटियों ने फिर गाड़े सफलता के झंडे
दमोह जिले के नतीजों में एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ दिया है। पास होने वाले छात्र-छात्राओं का आंकड़ा कुछ इस प्रकार है:
कक्षा 8वीं का हाल:
लड़कियां: 10,433 में से 9,201 सफल रहीं।
लड़के: 10,701 में से 8,769 ही पास हो सके।
कक्षा 5वीं का हाल:
लड़कियां: 11,590 में से 10,429 ने सफलता प्राप्त की।
लड़के: 12,283 में से 10,369 पास हुए।
असफल बच्चों को मिलेगा एक और मौका
वेबसाइट पर रिजल्ट अपलोड होते ही बच्चों और अभिभावकों में उत्साह और तनाव दोनों देखा गया। जहाँ सफल बच्चों ने खुशियाँ मनाईं, वहीं जो बच्चे फेल हो गए हैं, उन्हें प्रशासन और शिक्षकों ने ढांढस बंधाया है। नियम के अनुसार, इन बच्चों को सप्लीमेंट्री परीक्षा के जरिए पास होने का एक और अवसर दिया जाएगा, जिसकी तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी।