भोपाल: 36 एकड़ ज़मीन का झांसा देकर 23 लाख की ठगी, कलेक्ट्रेट कर्मचारी समेत 3 पर FIR दर्ज


भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक कलेक्ट्रेट कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दो सगे भाइयों को ज़मीन का झांसा दिया और उनसे 23 लाख रुपये ठग लिए। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद, भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कलेक्ट्रेट कर्मचारी, उसकी पत्नी और एक अन्य साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कलेक्ट्रेट में बुना गया ठगी का जाल

शिकायतकर्ता मोहम्मद जैन खान (28) और मोहम्मद जैद खान (25), निवासी खानू गांव, ने बताया कि उनकी मुलाकात 20 सितंबर 2025 को भोपाल कलेक्ट्रेट में कार्यरत देवेन्द्र सेन से हुई थी। देवेन्द्र ने खुद को रसूखदार बताते हुए पीड़ितों को रायसेन जिले के ग्राम धनिया खेड़ी में 36 एकड़ ज़मीन का सौदा करने का प्रस्ताव दिया। उसने दावा किया कि यह ज़मीन उसकी पत्नी प्रियंका सेन के नाम पर है और वह इसे बेचना चाहता है।

नकदी और चेक के जरिए लिए 23 लाख रुपये

आरोपी की बातों में आकर पीड़ितों ने ज़मीन खरीदने की सहमति दे दी। ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पूरे कानूनी कागजी कार्रवाई का ढोंग रचा:

  • 8 अक्टूबर 2025 को एक विक्रय अनुबंध (Sales Agreement) तैयार किया गया।

  • पीड़ितों ने देवेन्द्र सेन को 20 लाख रुपये नकद और 3 लाख रुपये का एचडीएफसी बैंक का चेक सौंपा।

  • इस अनुबंध पर कथित तौर पर देवेन्द्र की पत्नी प्रियंका के हस्ताक्षर भी कराए गए।

होटल में मीटिंग और रजिस्ट्री का झूठा वादा

पैसे लेने के बाद आरोपियों ने पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए एक होटल में बैठक भी की और जल्द से जल्द रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, समय बीतने के बाद जब आरोपी रजिस्ट्री कराने से कतराने लगे और बहाने बनाने लगे, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ।

कोर्ट के आदेश पर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई

काफी समय तक पुलिस से मदद न मिलने पर पीड़ितों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के सख्त आदेश के बाद, भोपाल क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी देवेन्द्र सेन, उसकी पत्नी प्रियंका सेन और एक अन्य सहयोगी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।

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