भोपाल: नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश के लाखों श्रमिकों के लिए खुशखबरी आई है। प्रदेश के श्रम विभाग ने महंगाई सूचकांक (Dearness Index) के आधार पर श्रमिकों के वेतन में बढ़ोत्तरी का संशोधित आदेश जारी कर दिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी होंगी।
50 लाख श्रमिकों की जेब में आएंगे ज्यादा पैसे
श्रम विभाग द्वारा जारी इस आदेश का लाभ प्रदेश के करीब 50 लाख श्रमिकों को मिलेगा। इनमें से:
40 लाख श्रमिक: निजी क्षेत्रों और विभिन्न उद्योगों में कार्यरत हैं।
10 लाख श्रमिक: सरकारी विभागों में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत हैं।
कितनी हुई वेतन में वृद्धि? (आंकड़ों पर एक नज़र)
श्रमायुक्त तन्वी हुड्डा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) में संशोधन किया गया है:
प्रतिदिन की वृद्धि: श्रमिकों के दैनिक वेतन में औसतन ₹9 का इजाफा किया गया है।
मासिक वृद्धि: प्रति माह वेतन में करीब ₹234 से ₹250 तक की बढ़ोत्तरी होगी।
आधार: यह संशोधन जुलाई से दिसंबर 2025 के औसत महंगाई सूचकांक में हुई वृद्धि के आधार पर किया गया है।
67 श्रेणियों के श्रमिकों को मिलेगा लाभ
यह आदेश केवल एक क्षेत्र के लिए नहीं, बल्कि 67 अलग-अलग श्रेणियों में काम करने वाले अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और उच्च-कुशल श्रमिकों पर लागू होगा। सरकार का मानना है कि महंगाई के इस दौर में यह वृद्धि श्रमिकों को थोड़ी राहत प्रदान करेगी।
कर्मचारी संगठनों ने जताई नाराजगी: "ऊंट के मुंह में जीरा"
एक तरफ जहाँ सरकार इसे राहत बता रही है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों ने इस वृद्धि को बेहद कम बताते हुए निराशा जाहिर की है।
संगठनों का तर्क: प्रतिनिधियों का कहना है कि ₹234 की मासिक वृद्धि आज की महंगाई के हिसाब से बहुत कम है।
मांग: संगठनों ने कम से कम ₹2000 मासिक वृद्धि की मांग की है।
चेतावनी: कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उनकी मांग पर विचार नहीं करती है, तो प्रदेश भर के श्रमिक हड़ताल पर जा सकते हैं।