5 लाख का चेक बाउंस पड़ा भारी, कारोबारी को 6 माह की जेल; 7.52 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश
हिमांशु रैकवार बुंदेली संवाद
दमोह-चेक बाउंस के एक महत्वपूर्ण मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) दमोह नीलेश मुलतकर की अदालत ने आरोपी कारोबारी को दोषी ठहराते हुए 6 माह के कारावास और 7,52,054 रुपये क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह फैसला दोनों पक्षों की साक्ष्य और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद सुनाया।
अधिवक्ता मनीष चौबे के अनुसार, परिवादी राजू सेन (36), निवासी अग्रवाल आरा मशीन के पीछे, गार्ड लाइन, दमोह फुटकर गल्ला व्यवसायी हैं। वहीं आरोपी इंद्रकुमार जैन (63), प्रोपराइटर शरद ट्रेडर्स, गौरीशंकर वार्ड, पथरिया, लंबे समय से गल्ला व्यापार से जुड़े हैं। दोनों के बीच पुराने व्यावसायिक और पारिवारिक संबंध होने के कारण फरवरी 2021 में आरोपी ने व्यापार के लिए 5 लाख रुपये उधार लिए थे और जून 2021 तक राशि लौटाने का आश्वासन दिया था।
निर्धारित समय पर जब परिवादी ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने पंजाब नेशनल बैंक, दमोह शाखा का 5 लाख रुपये का चेक दिया। लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। परिवादी ने आरोपी को इसकी सूचना देकर भुगतान करने का अवसर दिया, लेकिन राशि नहीं लौटाई गई। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि आरोपी ने खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के बावजूद चेक जारी किया, जो परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) के तहत दंडनीय अपराध है। सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई तथा 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित कुल 7,52,054 रुपये क्षतिपूर्ति परिवादी को अदा करने का आदेश दिया।
इस मामले में परिवादी की ओर से अधिवक्ता मनीष चौबे ने पैरवी की।